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हम कितने सुंदर है न

हम कितने सुंदर हैं न ! हम यानी बस तुम और मैं नहीं। हम मतलब ये सोया दिन, ये जगी रात, ये छत और पूरा चाँद।

देखो तुम फिर से हँसी।

तुम्हारी दंत-पंक्ति झलकी शफ़्फ़ाफ़।

क्या सोचती हो इस क्षण के बारे में?

देखो चाँद को छूते मेरे पांव।

कितना कम बोलती हो। चुप्पा रानी।

किसे सोचती हो इस चुप में?

उस पहले प्रेमी के बारे में जिसको तुम खूब प्रेम करती थी?

प्यार की कहानियां मुझे पसन्द हैं।

यह कश्मीर, यह शिकारा, ये तुम और मैं।

सारी कहानियाँ हमारी बतरस हैं। बत रस। जब मैं पूछूं कि तुम्हें चूम लूँ तो तुम कहना नाव डूब जाएगी।

मैं पूछ लूंगा, तब क्या करें? तुम कहना- डूब जाने दो।

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